उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 1 से 8 तक संशोधित अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26 की समय सारिणी

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 1 से 8 तक संशोधित अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26 की समय सारिणी

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों से जुड़ी इस समय की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UPBEP) द्वारा कक्षा 1 से 8 तक आयोजित की जाने वाली अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26 की समय सारिणी में बड़ा बदलाव किया गया है। यह निर्णय अचानक नहीं, बल्कि मैदानी परिस्थितियों और शिक्षकों पर बढ़ते प्रशासनिक कार्यभार को देखते हुए लिया गया है। इस खबर का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और अभिभावकों पर पड़ने वाला है। इस लेख में हम आपको बताएंगे:

  • परीक्षा क्यों स्थगित की गई?
  •  SIR प्रक्रिया क्या है और इसका परीक्षा से क्या संबंध है?
  • नई संशोधित परीक्षा तिथि क्या है?
  • शिक्षकों और छात्रों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
  • क्या भविष्य में फिर बदलाव संभव है?

यह लेख सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्लेषण और मार्गदर्शन है।

परिषदीय विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26: अब तक की स्थिति

पहले जारी की गई समय सारिणी के अनुसार, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा 28 नवंबर से 3 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित होनी थी विद्यालयों में इसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी थी। पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा कक्ष व्यवस्था — सभी कार्य लगभग अंतिम चरण में थे। लेकिन तभी एक बड़ा प्रशासनिक कार्य बीच में आ गया।


बड़ी खबर: 28 नवंबर से 3 दिसंबर तक की परीक्षाएं स्थगित

परिषद की ओर से मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार 28 नवंबर से 3 दिसंबर तक आयोजित होने वाली सभी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। यह फैसला शिक्षकों की SIR प्रक्रिया में ड्यूटी के कारण लिया गया है। यानी परीक्षा स्थगन का कारण शिक्षकों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि सरकारी दायित्वों की प्राथमिकता है।


उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 1 से 8 तक संशोधित अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26 की समय सारिणी





परीक्षा स्थगन का सबसे बड़ा कारण: शिक्षकों पर बढ़ता कार्यभार

यह कोई पहली बार नहीं है जब परीक्षा और प्रशासनिक कार्य टकराए हों। जमीनी हकीकत एक ही शिक्षक पर
पढ़ाना परीक्षा कराना डेटा एंट्री सर्वे सत्यापन सरकारी रिपोर्ट सब कुछ डाल दिया जाता है।
ऐसी स्थिति में परीक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होना तय है। इसलिए परिषद का यह निर्णय व्यावहारिक और आवश्यक माना जा रहा है।

नई संशोधित परीक्षा तिथि घोषित

अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न परीक्षा कब होगी? नई समय सारिणी (Revised Schedule) अब अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं 10 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 कक्षा 1 से 8 तक सभी परिषदीय विद्यालयों में पूर्व निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार
आयोजित की जाएंगी।

क्या पाठ्यक्रम (Syllabus) में कोई बदलाव हुआ है?

इस संबंध में सबसे राहत की बात यह है कि पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है प्रश्नपत्र का स्तर वही रहेगा मूल्यांकन प्रक्रिया पहले जैसी ही होगी केवल तिथि बदली गई है, सामग्री नहीं।

परीक्षा टलने से छात्रों को फायदे

  • अतिरिक्त 7–10 दिन का समय
  • कमजोर विषयों पर दोबारा ध्यान
  • अभ्यास और पुनरावृत्ति का मौका
  • मानसिक दबाव में कमी

सावधानी

यह समय ढील देने के लिए नहीं बल्कि बेहतर तैयारी के लिए है। छात्र इस अतिरिक्त समय का सही उपयोग करें, तभी यह निर्णय सार्थक होगा। अभिभावकों को चाहिए कि:
  • बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें
  • नियमित अध्ययन की आदत बनाए रखें
  • मोबाइल/टीवी का समय सीमित रखें
  • शिक्षक से संपर्क बनाए रखें
याद रखें —
परीक्षा तिथि बदली है, लक्ष्य नहीं।

 शिक्षकों के लिए यह फैसला कितना सही?

शिक्षक समुदाय के नजरिए से देखें तो:
  • परीक्षा और SIR एक साथ होना अव्यावहारिक था
  • शिक्षकों की मानसिक थकान कम होगी
  • परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित होगी
  • मूल्यांकन की गुणवत्ता बेहतर होगी
कुल मिलाकर यह निर्णय शिक्षक-हितैषी और छात्र-हितैषी दोनों है।

क्या भविष्य में फिर बदलाव संभव है?

इस सवाल का जवाब सीधा नहीं है। लेकिन अनुभव कहता है। यदि कोई नई प्रशासनिक आपात स्थिति आती है या फिर सरकारी निर्देश बदलते हैं तो बदलाव संभव है। इसलिए विद्यालयों को परिषद के आधिकारिक आदेशों पर ही भरोसा करना चाहिए, न कि अफवाहों पर।

निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 1 से 8 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2025-26 को स्थगित करना एक व्यावहारिक समयोचित और जिम्मेदार फैसला है। अब परीक्षा 10 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगी। इस बीच छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर मिला है और शिक्षकों को प्रशासनिक दायित्व निभाने का समय। सही योजना, सकारात्मक सोच और अनुशासन से यह समय सभी के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

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